भाजपा की 3 किले जीतने की कवायद
April 17, 2019 • Sudesh Jain

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए अब अपने तीन बड़े किले बचाने के साथ तीन अन्य किले जीतने हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के भाजपाई किले छीनने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत लगाये हुए है। इन। तीनों राज्यों में इसी वर्ष के अंत में चुनाव होने हैं। भाजपा इन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ त्रिपुरा में वामपंथी सत्ता को उखाड़ फेंकने के बाद भाजपा ने केरल और पश्चिमबंगाल में भगवा फहराने के इरादा दृढ़ कर लिया है। इसी के साथ पूर्वी भारत के ओडिशा (उड़ीसा) में भी भाजपा सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इन तीनों राज्यों में 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजे भी संकेत देंगे। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 के चुनाव प्रचार की शुरूआत कर दी है और पश्चिम बंगाल के जंगल महल में 16 जुलाई को उनकी शानदार जनसभा हुई। मिदनापुर की रैली में पीएम मोदी ने कहा कि जैसे त्रिपुरा में जनता ने बदलाव किया है, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी होगा। आतंक और हिंसा के बीच भी जनता ने भाजपा के पंचायत प्रत्याशी चुना हैं। ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह और पार्टी के अन्य नेता अलग-अलग राज्यों में लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। जनता को चार साल का हिसाब-किताब भी बताया जा रहा हैं। राजस्थान, पंजाब के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ममता बनर्जी के किले में किसानों को संबोधित करने पहुंचे और केन्द्र ने किसानों के हित में कौन-कौन सी योजनाएं चलायी हैं, उनके बारे में बताया। इस प्रकार भाजपा ने पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया हैं। भाजपा की नजर जंगल महल इलाके पर है क्योंकि पंचायत चुनावों में भाजपा को यहीं से अच्छी सफलता मिली है। इसलिए भाजपा की सक्रियता भी बढ़ी है।। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 28 जून को जंगल महल इलाके के पुरूलिया जिले में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिदनापुर में कृषि कल्याण समावेश रैली की और किसानों को संबोधित किया। भाजपा जंगल महल क्षेत्र के जरिए पश्चिम बंगाल में अपनी जड़े जमाने की कोशिश कर रही है।

जंगल महल इलाका एक समय माओवादियों का गढ़ माना जाता था। यह क्षेत्र आदिवासियों की मजबूत बेल्ट है। इसके तहत पुरूलिया, वांकुरा और पश्चिम मिदिनापुर को लेकर तीन जिले आते हैं। इन तीन जिलों में आधा दर्जन लोकसभा सीटे हैं। इन छह सीटों में चार सीटे आदिवासी है और वहां ओबीसी की भी बहुलता है। हाल ही में पंचायत चुनाव में इस क्षेत्र के तहत आने वाली 150 पंचायत की ने सीटें भाजपा ने जीती है। इसके बाद ही तृणमूल कांग्रेस के तीन लिया मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा था। भाजपा ने 2019 में पश्चिम बंगाल भाजपा की 42 में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। जनवरी 2014 राज्यों में भाजपा को लोकसभा की सिर्फ दो सीटे ही मिल पायी थीं। इसलिए केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो आसन सोल और एसएस आहलूवालिया कर दार्जिलिंग सीट से भाजपा के सांसद है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जंगल महल में कई सरकारी योजनाएं शुरू की हैं, इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस झारग्राम के कुछ आदिवासी पंचायत क्षेत्रों में नामांकन तक नहीं दाखिल कर सकी थी। सुश्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा को रोकने के लिए अपनी पार्टी की रणनीति में बदलाव किये हैं। सुश्री ममता बनर्जी ने अब पूजा-पाठ पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में पूजाघर बनाया गया है। हालांकि इस पर कुछ लोगों उनकी ने हंगामा भी खड़ा किया  है। भाजपा के इन आरोपों पर तृण मूल कांग्रेस के वीरभूम जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल ने कहा है कि हमारी पार्टी के बारे में भाजपा और संघ के लोग झूठा प्रचार करते हैं जबकि तृणमूल सभी धर्मों को समान रूप से महत्व देती है। वीरभूम जिले में ही भाजपा के अध्यक्ष रामकृष्ण राय ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस बहुसंख्यक वोटरों को लुभाने का नाटक कर रही है, जनता को गुमराह कर रही है और तृणमूल कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण नीति से राज्य की आमजनता क्षुब्ध है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के माहौल को देखकर दी जंगल महल में दहाड़ लगायी है और कहा कि अब यहां भाजपा की सरकार बनाने का जनता ने मन बना लिया